पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी Crypto का मार्केट पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ा है। इसी के साथ ईरान में भी क्रिप्टो माइनिंग का चलन तेजी पकड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान अब इंटरनेशनल लेवल पर चौथा सबसे बड़ा क्रिप्टो माइनिंग देश बन गया है।
तेहरान प्रॉविंस इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के CEO अकबर हसन बेकलू के अनुसार, देश में लगभग 4.27 लाख माइनिंग डिवाइसेज ऑपरेट हो रहे हैं। इनसे रोजाना करीब 1,400 मेगावॉट बिजली की खपत हो रही है। सरकार के अनुसार, बिजली के कम दामों का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध माइनिंग कर रहे हैं। यही वजह है कि सरकार ने अब गैरकानूनी माइनिंग पर सख्ती शुरू कर दी है।
तेहरान प्रांत में चलाए गए अभियान में 104 अवैध माइनिंग फार्म पकड़े गए हैं और 1,465 माइनिंग डिवाइसेज जब्त की गई हैं। इनसे करीब 3,360 किलोवॉट बिजली चोरी की जा रही थी।
अवैध माइनिंग बनी सिरदर्द, सरकार ने की सख्त कार्रवाई
ईरान के कई क्षेत्र जैसे पाकदश्त, फिरुजकुह, मलार्ड और काहिजाक अवैध क्रिप्टो माइनिंग के हब बन चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, माइनर्स बिजली की चोरी के लिए अंडरग्राउंड टनल खोदने और इंडस्ट्रियल पावर लाइनों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
इससे देश की ऊर्जा व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा है। पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर इन पर शिकंजा कस रही हैं। हालांकि, बिजली की सब्सिडी वाले दामों के कारण इस काम को रोकना अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
ईरान के लिए यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि देश पहले से ही अमेरिका और अन्य देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। ऐसे में Crypto Mining कई लोगों के लिए आय का नया जरिया बन गया है।
भारत फिर बना नंबर 1 ग्लोबल Crypto Adoption में तीसरे साल भी टॉप

जहां ईरान बिजली खपत और अवैध माइनिंग से जूझ रहा है, वहीं भारत ने क्रिप्टो अपनाने Crypto Adoption के मामले में दुनिया में फिर से पहला स्थान हासिल किया है।
ब्लॉकचेन डेटा फर्म Chainalysis की 2025 की ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक, भारत लगातार तीसरे वर्ष टॉप पर है। इस रिपोर्ट में 151 देशों का विश्लेषण किया गया और यह पाया गया कि भारत में आम लोगों से लेकर निवेशक तक तेजी से Crypto trading, Bitcoin investment, और blockchain usage बढ़ा रहे हैं।
अमेरिका दूसरे और पाकिस्तान तीसरे स्थान पर हैं। यह रैंकिंग ऑन-चेन वैल्यू, रिटेल ट्रांजैक्शंस और ट्रेडिंग वॉल्यूम जैसे आंकड़ों के आधार पर तय की गई है।
भविष्य में क्या होगा Crypto का रास्ता?
क्रिप्टोकरेंसी दुनिया की वित्तीय व्यवस्था का नया चेहरा बन चुकी है। हालांकि, कई देशों में इसके नियमन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत में अभी क्रिप्टो पर कोई स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क नहीं है, लेकिन यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में Crypto market और ज्यादा मजबूत होगा, खासकर तब जब सरकारें इसके लिए पारदर्शी नीतियां बनाएंगी। वहीं, ईरान जैसे देशों के लिए यह जरूरी है कि वे क्रिप्टो माइनिंग को कानूनी रूप से नियंत्रित करें ताकि बिजली और अर्थव्यवस्था दोनों सुरक्षित रहें।
Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी वित्तीय सलाह Financial Advice नहीं है। क्रिप्टो निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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