दोस्तों, अगर आप भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं, तो पिछले 24 घंटे आपके लिए किसी झटके से कम नहीं रहे होंगे। पूरी Crypto Market Crash हो गई है। बिटकॉइन, इथेरियम, रिपल, सोलाना, डॉगकॉइन लगभग सभी प्रमुख कॉइन्स लाल निशान में बंद हुए हैं।
CoinMarketCap के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैप करीब 3% गिरकर $3.68 ट्रिलियन पर आ गया। यानी केवल 24 घंटे में लगभग 0.32 ट्रिलियन डॉलर करीब 28 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों निवेशकों की उम्मीदों का ध्वंस है। इस गिरावट ने यह दिखा दिया कि क्रिप्टो मार्केट अभी भी वैश्विक आर्थिक घटनाओं से कितना संवेदनशील है।
क्यों आया Crypto Market Crash?
अब सवाल उठता है इतनी बड़ी गिरावट आखिर आई क्यों? दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ी। साथ ही, फेडरल रिजर्व US Federal Reserve ने ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती का ऐलान तो किया, लेकिन दिसंबर में दरें फिर से घटेंगी या नहीं इस पर स्पष्टता नहीं दी।
फेड चेयरमैन की इस टिप्पणी ने ट्रेडर्स में डर पैदा कर दिया। उन्होंने कहा कि “शटडाउन के दौरान आर्थिक डेटा की कमी फेड के दिसंबर के फैसले को प्रभावित कर सकती है। इसका सीधा असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ा और उन्होंने भारी मात्रा में Crypto Sell-off शुरू कर दिया। यानी मार्केट का मूड पलभर में बदल गया और पूरे क्रिप्टो सेक्टर में बिकवाली की लहर दौड़ गई।
बिटकॉइन की हालत सबसे खराब

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin भी इस तूफान से बच नहीं पाई। गुरुवार की सुबह यह 3.8% टूटकर $108,572 पर आ गई थी। दिन के अंत तक इसमें हल्की रिकवरी दिखी, लेकिन $109,359 से ऊपर नहीं जा सकी। पिछले हफ्ते जब बिटकॉइन ने थोड़ा उछाल दिखाया था, तब निवेशकों को लगा था कि बाजार फिर पटरी पर लौट रहा है। मगर अक्टूबर के अंत में आई यह गिरावट दिखाती है कि बाजार अभी भी अस्थिर है।
Crypto Market Crash का सबसे ज्यादा असर बिटकॉइन पर ही पड़ा है, क्योंकि इसका मार्केट डोमिनेंस सबसे अधिक है। कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर बिटकॉइन जल्द स्थिर नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में बाकी कॉइन्स भी और गिर सकते हैं।
बाकी क्रिप्टोकरेंसी का हाल
बिटकॉइन के साथ बाकी क्रिप्टोकरेंसी की हालत भी खस्ता रही।
- Ethereum करीब 3.5% गिरकर $3,869 पर ट्रेड कर रहा था।
- Ripple (XRP) 4% से ज्यादा टूटा।
- Solana (SOL) और Dogecoin (DOGE) में भी 4% से ज्यादा की गिरावट रही।
- वहीं Cardano (ADA) और Hyperliquid में भी 3–4% की गिरावट देखी गई।
Altcoins पर यह गिरावट दिखाती है कि यह केवल एक कॉइन-विशेष समस्या नहीं, बल्कि एक व्यापक Crypto Market Crash है। क्रिप्टो एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।
क्या आगे भी गिर सकता है बाजार?
अब सबसे बड़ा सवाल क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी? वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो क्रिप्टो मार्केट में रिकवरी धीमी होगी। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अवसर भी हो सकता है, क्योंकि कई मजबूत कॉइन्स अब डिस्काउंट पर मिल रहे हैं।
इतिहास गवाह है कि हर Crypto Market Crash के बाद एक मजबूत रिकवरी देखी गई है। लेकिन यह तभी संभव है जब निवेशक घबराने के बजाय समझदारी दिखाएं और लॉन्ग-टर्म दृष्टिकोण अपनाएं।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई कोई भी जानकारी निवेश सलाह Investment Advice नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
इन्हे भी पढ़ें:-



