भारत आज दुनिया की सबसे डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। UPI पेमेंट ने लोगों के लाइफस्टाइल को पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन इसी डिजिटल ग्रोथ के बीच एक सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है क्या भारत की भी अपनी कोई cryptocurrency है? क्योंकि लाखों भारतीय पहले से ही बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर रहे हैं।
अगर आप भी इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए है। यहाँ हम आसान भाषा में समझेंगे कि भारत का डिजिटल रुपया क्या है, यह cryptocurrency से कैसे अलग है, और सरकार का इस इंडस्ट्री पर क्या रुख है।
भारत में cryptocurrency क्यों तेजी से बढ़ रही है?
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। लोगों की डिजिटल समझ लगातार बढ़ रही है। UPI ने कैशलेस सिस्टम को इतना आसान बना दिया है कि लोग नई टेक्नोलॉजी को जल्दी सीखने लगे हैं।
इसी बदलाव के साथ cryptocurrency भी तेज़ी से पॉपुलर हुई है। भले ही भारत में क्रिप्टो पर 30% टैक्स और 1% TDS लगता है, लेकिन इसके बावजूद लाखों निवेशक Bitcoin, Ethereum और अन्य वर्चुअल डिजिटल असेट्स खरीद रहे हैं। क्रिप्टो को भारत में दो कारणों से तेजी मिली
- लोग नई डिजिटल एसेट्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं
- ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम पहले से काफी मजबूत है
भारत की डिजिटल ग्रोथ यह दिखाती है कि क्रिप्टो मार्केट आने वाले समय में और भी बढ़ सकता है, भले ही सरकारी नियम सख्त हों।
क्या भारत की अपनी cryptocurrency है? जवाब: नहीं, लेकिन भारत के पास डिजिटल रुपया है
भारत के पास अभी अपनी cryptocurrency नहीं है। लेकिन भारत के पास इससे भी बड़ा कदम है डिजिटल रुपया (e-Rupee)। डिजिटल रुपया 2022 में RBI ने लॉन्च किया था। यह एक CBDC (Central Bank Digital Currency) है। यानी यह भारत सरकार और RBI द्वारा जारी की गई डिजिटल मुद्रा है। अब फर्क समझिए
Cryptocurrency क्या होती है?
- ब्लॉकचेन आधारित
- किसी सरकार या RBI का नियंत्रण नहीं
- कीमत काफी तेजी से बदलती है
- पूरी तरह decentralized
- उदाहरण: Bitcoin, Ethereum, Solana
डिजिटल रुपया क्या है?
- RBI के पूरी तरह नियंत्रण में
- कीमत बिल्कुल उसी तरह जैसे नकद रुपये
- नोट का सिर्फ डिजिटल रूप
- स्थिर और सुरक्षित
- सरकार द्वारा पूरी तरह मंजूर
यानी डिजिटल रुपया कोई cryptocurrency नहीं है। यह भारत की आधिकारिक डिजिटल करंसी है, जिसे आप e₹ वॉलेट में रखकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
डिजिटल रुपया कैसे काम करता है?

RBI डिजिटल रुपया को अभी 15 बैंकों के साथ पायलट मोड में चला रहा है। इसे इस्तेमाल करना काफी आसान है
- पहले देखें कि आपका बैंक CBDC सपोर्ट करता है या नहीं
- इसके बाद e-Rupee वॉलेट ऐप डाउनलोड करें
- वॉलेट में डिजिटल रुपये आएंगे
- इनसे आप वैसे ही पेमेंट कर सकते हैं जैसे नकद रुपये से करते हैं
डिजिटल रुपया लाने के पीछे RBI के तीन बड़े मकसद हैं:
- नकद छापने की लागत कम करना
- डिजिटल पेमेंट को और मजबूत बनाना
- बैंकिंग प्रोसेस में थर्ड पार्टी पर निर्भरता घटाना
आने वाले समय में e-Rupee को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर सरकारी ट्रांज़ैक्शन्स और बड़े वित्तीय संस्थानों में।
भारत में cryptocurrency पर सरकार का रुख क्या है?
इस सवाल का जवाब साफ है सरकार ने cryptocurrency को बैन नहीं किया है, लेकिन इसे रिस्की मानती है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अन्य अधिकारियों की मानें तो:
- क्रिप्टो बहुत जोखिम वाला है
- प्राइस वोलैटिलिटी बहुत अधिक है
- इसे कानूनी मुद्रा (Legal Tender) नहीं माना जाता
इसी वजह से सरकार ने 2022 में क्रिप्टो पर सख्त टैक्स नियम लागू किए:
- cryptocurrency पर 30% टैक्स
- हर buy/sell पर 1% TDS
ये नियम यह दिखाते हैं कि सरकार क्रिप्टो को स्वीकार नहीं कर रही, लेकिन पूरी तरह रोक भी नहीं रही है।
क्या भविष्य में भारत अपनी cryptocurrency ला सकता है?
फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि भारत अपनी cryptocurrency लॉन्च करेगा। भारत का पूरा फोकस डिजिटल रुपया यानी CBDC पर है। वैसे, experts का मानना है कि अगर भविष्य में बने नियम और क्लियर हो जाएं, तो भारत विश्व का सबसे बड़ा क्रिप्टो मार्केट बन सकता है क्योंकि यहां बहुत बड़ा युवा निवेशक बेस मौजूद है।
Disclaimer
यह ब्लॉग पोस्ट सिर्फ जानकारी देने के लिए है। यह किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। cryptocurrency या डिजिटल असेट्स में पैसे लगाने से पहले जोखिमों को समझें और विशेषज्ञ की सलाह लें।
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