अगर आप Reliance Jio के यूजर हैं, तो एक नई खबर आपके लिए बेहद दिलचस्प है। Mukesh Ambani की कंपनी अब डिजिटल फाइनेंस की दुनिया में भी कदम रख रही है JioCoin के साथ। यह सिर्फ एक कॉइन नहीं, बल्कि Jio के पूरे डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बनने जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, JioCoin को Polygon Blockchain Platform पर लॉन्च किया गया है। इसका इस्तेमाल Jio के ऐप्स, ब्राउजर और डिजिटल सर्विसेज में किया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि फिलहाल JioCoin की कीमत या इसकी ट्रेडिंग जानकारी पब्लिक नहीं की गई है। लेकिन इसे एक रिवॉर्ड टोकन बताया गया है यानी यूजर्स को Jio ऐप्स इस्तेमाल करने पर इसका रिवॉर्ड मिल सकता है।
JioCoin क्या है और यह कैसे काम करता है?
JioCoin को एक ब्लॉकचेन-बेस्ड रिवॉर्ड सिस्टम के तौर पर डिजाइन किया गया है। जब आप Jio के प्लेटफॉर्म्स जैसे JioCinema, JioBrowser या MyJio का इस्तेमाल करेंगे, तो आपको इस टोकन के रूप में रिवॉर्ड मिलेगा।
यह टोकन Jio के डिजिटल इकोसिस्टम के भीतर इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे रिचार्ज डिस्काउंट्स, प्रीमियम सब्सक्रिप्शन या डिजिटल गिफ्ट्स के रूप में। फिलहाल इसकी वैल्यू पूरी तरह Reliance तय करती है, यानी मार्केट प्राइस की तरह इसमें उतार-चढ़ाव नहीं होगा। इसका मतलब है कि JioCoin फिलहाल ट्रेडेबल क्रिप्टोकरेंसी नहीं, बल्कि एक क्लोज्ड-सिस्टम रिवॉर्ड टोकन है।
क्या JioCoin एक असली क्रिप्टोकरेंसी है?

कई लोग इसे Mukesh Ambani की नई क्रिप्टोकरेंसी कह रहे हैं, लेकिन सच्चाई कुछ अलग है।
| तुलना | क्रिप्टोकरेंसी | JioCoin |
|---|---|---|
| ट्रेडिंग | एक्सचेंज पर होती है | नहीं होती |
| ट्रांसफर | वॉलेट से वॉलेट | संभव नहीं |
| वैल्यू | बाजार से तय | कंपनी से तय |
| मकसद | निवेश, ट्रांजैक्शन | ऐप रिवॉर्ड और एंगेजमेंट |
जैसा कि आप देख सकते हैं, JioCoin का मकसद निवेश नहीं, बल्कि यूजर एंगेजमेंट बढ़ाना है। इसे असली क्रिप्टोकरेंसी तब माना जाएगा, जब इसे ओपन मार्केट पर लिस्ट किया जाएगा या ट्रेडिंग की सुविधा दी जाएगी।
भविष्य में क्या JioCoin भारत की डिजिटल करेंसी बन सकता है?
Mukesh Ambani की सोच हमेशा भविष्य को ध्यान में रखकर होती है। Reliance Jio ने पहले भारत में डेटा सस्ता कर मोबाइल इंडस्ट्री को बदल दिया था। अब अगर JioCoin को पब्लिक ट्रेडिंग या ब्लॉकचेन पेमेंट सिस्टम में शामिल किया गया, तो यह भारत की डिजिटल करेंसी रेस में एक बड़ा नाम बन सकता है।
भारत में पहले से ही CBDC (Central Bank Digital Currency) पर काम चल रहा है, और अगर प्राइवेट सेक्टर जैसे Reliance इसमें शामिल होते हैं, तो यह देश की डिजिटल इकॉनमी को नई दिशा दे सकता है।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी निवेश सलाह, वित्तीय निर्णय या आधिकारिक घोषणा का प्रतिनिधित्व नहीं करती। JioCoin से संबंधित किसी भी लेनदेन से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।
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