Jawed Habib Net Worth और विवाद: क्रिप्टो स्कैम में हेयरस्टाइलिस्ट का नाम आया सामने

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Jawed Habib Net Worth

Jawed Habib Net Worth: हाल ही में संभल के सरायतरीन इलाके में एक बड़े क्रिप्टो स्कैम का मामला सामने आया है, जिसमें प्रसिद्ध हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके परिवार के सदस्य फंसने की खबर आई है। इस मामले में 400 से अधिक निवेशकों को करोड़ों रुपये की ठगी का सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने 23 एफआईआर दर्ज की हैं और आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। इस घटना ने सोशल मीडिया और समाचार जगत में काफी हलचल मचा दी है।

क्रिप्टो स्कैम का पूरा विवरण

मामला साल 2023 में शुरू हुआ, जब Follicle Global Company (FLC) नामक एक कंपनी ने अचानक अपने संचालन को बंद कर दिया। इस कंपनी ने निवेशकों को 50% से 75% तक रिटर्न का वादा किया था। संभल में आयोजित एक प्रमोशनल इवेंट में जावेद हबीब, उनके बेटे अनस और कंपनी के मुखिया सैफुल्लाह खान शामिल हुए।

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों लोगों ने इस कंपनी में 5 लाख से 7 लाख रुपये तक का निवेश किया। ज्यादातर निवेश क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से हुआ था। निवेशकों को जल्दी और अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगे, तो कंपनी के अधिकारी और कथित रूप से हबीब परिवार ने धमकियां दीं।

इस घटना ने जावेद हबीब की इमेज पर सवाल उठाए हैं, लेकिन उनके वकील का कहना है कि हबीब का FLC से कोई वित्तीय संबंध नहीं था।

जावेद हबीब के वकील का बयान

दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हबीब के वकील पवन कुमार ने स्पष्ट किया कि जावेद हबीब का इस कंपनी से कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं था। उन्होंने बताया कि जावेद हबीब केवल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और कंपनी के संचालन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

कुमार ने यह भी कहा कि जावेद हबीब के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। यह घटना केवल एक प्रमोशनल इवेंट तक सीमित थी। उनका कहना था कि हबीब अक्सर भारत भर में हेयर और ब्यूटी से जुड़े सेमिनार में भाग लेते रहते हैं।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं जावेद हबीब

Jawed Habib Net Worth

जावेद हबीब के लिए यह पहला विवाद नहीं है। साल 2022 में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह एक महिला के बालों पर थूकते हुए दिखाई दिए थे। उस समय उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में हबीब ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी।

उनके इस विवादित व्यवहार ने उनकी सैलून इमेज पर असर डाला, लेकिन उनके व्यवसाय को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। जावेद हबीब की कंपनी ने बाद में कई शहरों में अपने सैलून और हेयर इंस्टीट्यूट्स का विस्तार जारी रखा।

जावेद हबीब का सैलून और व्यवसायिक साम्राज्य

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जावेद हबीब का सैलून कारोबार देश के 100 से ज्यादा शहरों में फैला हुआ है। उनके नाम 900 से अधिक सैलून और 60 से ज्यादा हेयर इंस्टीट्यूट्स दर्ज हैं। उनकी कंपनी जावेद हबीब हेयर एंड ब्यूटी लिमिटेड फेमिना मिस इंडिया की आधिकारिक पार्टनर भी है।

इसके अलावा, हबीब ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है। उनकी कंपनी ने 24 घंटे के अंदर 410 लोगों के बाल काटकर यह रिकॉर्ड बनाया था। इस वजह से उन्हें लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया।

जावेद हबीब की नेटवर्थ

जावेद हबीब की नेटवर्थ के बारे में अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग जानकारी दी गई है। साल 2016 में फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार उनकी नेटवर्थ 30 मिलियन डॉलर (करीब 265 करोड़ रुपये) थी। वहीं, साल 2022 की रिपोर्ट में दावा किया गया कि उनकी सालाना कमाई लगभग 30 करोड़ रुपये है।

इस जानकारी के आधार पर हम कह सकते हैं कि जावेद हबीब न केवल भारत के प्रमुख हेयर स्टाइलिस्ट हैं, बल्कि उनके व्यवसायिक साम्राज्य ने उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूती दी है।

निवेशकों और जनता के लिए चेतावनी

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जावेद हबीब पर FIR against jawed habib जैसे मामले यह दिखाते हैं कि किसी भी प्रमोशनल इवेंट में शामिल होना निवेश का संकेत नहीं है।

निवेशकों को हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पैसे सुरक्षित हाथों में हैं। किसी भी निवेश से पहले कंपनी की पृष्ठभूमि, इतिहास और कानूनी स्थिति का अध्ययन करना जरूरी है।

जावेद हबीब पर क्रिप्टो स्कैम आरोप और मीडिया की भूमिका

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जावेद हबीब और उनके परिवार को इस मामले में Celebrity hairstylist Jawed Habib के रूप में जाना जाता है। मीडिया में अक्सर विवाद और हॉट न्यूज़ की वजह से उनके नाम के साथ ऐसे मामलों का लिंक जोड़ दिया जाता है।

हालांकि, हबीब के वकील ने स्पष्ट किया कि उनका FLC के साथ कोई संबंध नहीं था। यह मामला दर्शाता है कि खबरें और वास्तविक स्थिति में अंतर हो सकता है।

इन्हे भी पढ़ें:-